हमारे लेखक

मूर्धन्य साहित्यकार एवं विद्वान मंडल

पर्व प्रकाशन भारतीय साहित्य की ज्ञान-परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारे साथ जुड़े हैं देश के कुछ सबसे प्रतिष्ठित लेखक और शोध विद्वान, जिनके मौलिक चिंतन और लेखन से समाज को नई दिशा मिलती है।

प्रमुख रचनाकार

हमारी ज्ञान-परंपरा के वाहक

हमारे लेखक अपनी विद्वत्तापूर्ण कृतियों और गहन शोध के माध्यम से साहित्यिक निष्ठा का परिचय देते हैं। प्रत्येक रचनाकार का योगदान भारतीय साहित्य को समृद्ध करता है।

डॉ. रविंद्र नाथ

श्रीमती अंजना देवी

प्रो. विजय शर्मा

साहित्यिक आलोचना और प्राचीन पांडुलिपियों के विशेषज्ञ। इनकी कृतियाँ भारतीय दर्शन और काव्यशास्त्र पर गहन प्रकाश डालती हैं।

आधुनिक हिंदी कविता की सशक्त हस्ताक्षर। इनकी रचनाएँ सामाजिक सरोकारों और मानवीय संवेदनाओं को मुखर करती हैं।

प्रसिद्ध इतिहासकार और सांस्कृतिक अध्येता। इनके शोध भारतीय इतिहास और परंपराओं को नए दृष्टिकोण से प्रस्तुत करते हैं।

चिंतन एवं विचार

साहित्य समाज का दर्पण नहीं, अपितु वह मशाल है जो अंधकार में मार्ग दिखाती है।

डॉ. रविंद्र नाथ

अपनी पांडुलिपि पर्व प्रकाशन को भेजें

नवागत लेखकों का पर्व प्रकाशन परिवार में हार्दिक स्वागत है। हम मौलिक चिंतन और उच्च-स्तरीय लेखन को प्रोत्साहित करते हैं।