हमारे लेखक

मूर्धन्य साहित्यकार एवं विद्वान मंडल

पर्व प्रकाशन भारतीय साहित्य की ज्ञान-परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारे साथ जुड़े हैं देश के कुछ सबसे प्रतिष्ठित लेखक और शोध विद्वान, जिनके मौलिक चिंतन और लेखन से समाज को नई दिशा मिलती है।

प्रमुख रचनाकार

हमारी ज्ञान-परंपरा के वाहक

हमारे लेखक अपनी विद्वत्तापूर्ण कृतियों और गहन शोध के माध्यम से साहित्यिक निष्ठा का परिचय देते हैं। प्रत्येक रचनाकार का योगदान भारतीय साहित्य को समृद्ध करता है।

डॉ. शिव सिंह

सुनील पंवार

डॉ. रीना नौटियाल

प्राचीन भारतीय इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्त्व के विशेषज्ञ। इनकी कृतियाँ भारतीय इतिहास और संस्कृति पर गहन प्रकाश डालती हैं।

आधुनिक भारतीय इतिहास, राजनीति एवं सामाजिक विमर्श के सशक्त हस्ताक्षर। इनकी रचनाएँ राजनितिक घटनाक्रमों, व्यक्तित्वों और मानवीय संवेदनाओं को मुखर करती हैं।

हिंदी साहित्य एवं राजनीति विज्ञान की अध्येता। इनके शोध हिन्दी साहित्य और भारत की सांस्कृतिक परंपराओं को नए दृष्टिकोण से प्रस्तुत करते हैं।

अलग

डॉ. गौरव सिंह 'अलग' भारतीय इतिहास एवं हिंदी साहित्य की ग़ज़ल विधा के सशक्त हस्ताक्षर हैं।

डॉ. आशीष कुमार

भारतीय दर्शन के विशेषज्ञ। इनकी कृतियाँ एवं शोध भारतीय एवं पाश्चात्य दर्शन एवं नैतिकतावाद पर गहन प्रकाश डालते हैं।

डॉ. अभिषेक परगाँई

डॉ. कंचन तिवारी

संस्कृत साहित्य एवं भारतीय दर्शन के विशेषज्ञ।

संस्कृत साहित्य एवं व्याकरण के विशेषज्ञ।

डॉ. नवीन

योग विज्ञानं के मूर्धन्य विद्वान

चिंतन एवं विचार

साहित्य समाज का दर्पण ही नहीं, अपितु वह मशाल है जो अंधकार में मार्ग दिखाती है।

अपनी पांडुलिपि पर्व प्रकाशन को भेजें

नवागत लेखकों का पर्व प्रकाशन परिवार में हार्दिक स्वागत है। हम मौलिक चिंतन और उच्च-स्तरीय लेखन को प्रोत्साहित करते हैं।